हाल ही में झारखंड के लोहरदगा और गुमला से नक्सली 40 बच्चों को अपने साथ ले गए थे। फिलहाल इन बच्चों को वापस लाने के लिए पुलिस सर्च अभियान चला रही है।
पुलिस अभी इस सर्च अभियान में जुटी ही थी कि नक्सलियों ने अब बिशुनपुर, डुमरी व चैनपुर प्रखंड के पहाड़ी इलाकों में संचालित आवासीय स्कूलों से 10-10 बच्चे मांगे हैं।
नक्सलियों ने धमकी दी है कि अगर उन्हें 10-10 बच्चे नहीं मिले तो स्थानीय लोगों और शिक्षकों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। नक्सलियों के ऐसे ऐलान के बाद के शिक्षक डरे हुए हैं और कई बच्चे हॉस्टल छोड़ कर अपने घर चले गये हैं।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को 100-150 की संख्या में माओवादियों का दस्ता बिशुनपुर के जोभीपाट गांव में संचालित आदिम जनजाति आवासीय स्कूल पहुंचा।
उन्होंने सभी शिक्षकों व बच्चों को स्कूल के बाहर बुलाया। उनसे हाथ मिलाया और पानी मांगा। माओवादियों ने शिक्षकों से कहा कि हमें 10-15 दिन के अंदर 10 बच्चे चाहिए। डर से शिक्षकों ने कुछ जवाब नहीं दिया। कहा कि अभी प्राचार्य नहीं हैं। माओवादियों ने कहा कि हम कुछ नहीं जानते, एक सप्ताह बाद हमारे आदमी आयेंगे। दस्ता में भेजनेवाले 10 बच्चों की सूची देनी है। इसके बाद बताया जायेगा कि बच्चों को कब देना है। इसके बाद सभी माओवादी वहां से निकल गये।