पूजा सिंघल खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव और झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक थीं। सिंघल को सीए सुमन कुमार के साथ अपने कुछ विश्वसनीय सबूत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
झारखंड में रांची की विशेष कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बुधवार को निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को राहत दे दी। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करने की तिथि 10 अप्रैल तक के लिए टाल दी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल मई में झारखंड की खनन सचिव रहीं पूजा सिंघल को मनरेगा फंड के कथित गबन और अन्य आरोपों से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
पूजा सिंघल खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव और झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक थीं। सिंघल को सीए सुमन कुमार के साथ अपने कुछ विश्वसनीय सबूत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने उनसे पहले सात मई को चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। ईडी ने कुमार के परिसर से 17.51 करोड़ रुपये और पल्स अस्पताल से 1.8 करोड़ रुपये बरामद किए थे।
अदालत द्वारा आरोप तय करने की तिथि टलने के बाद पूजा सिंघल के वकील विश्वजीत मुखर्जी ने कहा कि आज आरोप तय करने पर सुनवाई हुई। अब 10 अप्रैल को आरोप तय किए जाएंगे। बता दें कि अदालत ने तीन अप्रैल को पूजा की डिस्चार्ज याचिका खारिज करते हुए आरोप तय करने के लिए 5 अप्रैल की तारीख तय की थी। बुधवार की सुनवाई के तहत बचाव पक्ष ने अदालत से समय मांगा क्योंकि उनके पास 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में एक मामला सूचीबद्ध है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने आरोप तय करने के लिए 10 अप्रैल को अगली तारीख तय की है।