फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand: मैथिली भाषा को नियोजन नीति में शामिल करने की मांग, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को सौंपा गया ज्ञापन

Sat, 21 Jun 2025 06:33 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: प्रतिनिधिमंडल की बातों को मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वह अपनी ओर से इस मांग को पूर्ण कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। साथ ही, प्रतिनिधिमंडल के विशेष आग्रह पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट भी करवाया।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपते लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड मैथिली भाषा संघर्ष समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को जमशेदपुर और रांची की प्रमुख मैथिली संस्थाओं के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की द्वितीय राजभाषा मैथिली को झारखंड की नियोजन नीति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को ज्ञापन सौंपा।

समिति के संयोजक अमरनाथ झा ने मंत्री को राज्य में मैथिली भाषा की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मांग केवल भाषिक अधिकार की नहीं, बल्कि झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद समेत अन्य जिलों में निवास करने वाले 20 लाख से अधिक मैथिलीभाषी नागरिकों के सम्मान और अस्मिता से जुड़ी हुई है।

उन्होंने बताया कि संयुक्त बिहार राज्य के दौरान किए गए भाषाई सर्वेक्षण के अनुसार संथाल परगना प्रमंडल पूर्णतः मैथिली भाषाई क्षेत्र रहा है। वर्तमान में झारखंड की नियोजन नीति में 12 राज्य स्तरीय तथा 15 जिला स्तरीय क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को शामिल किया गया है, परंतु मैथिली जैसी पौराणिक, समृद्ध साहित्यिक परंपरा और अपनी लिपि वाली भाषा को इसमें अब तक स्थान नहीं मिला है। यह न केवल मैथिलीभाषियों के लिए क्षोभ का विषय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी भाषाई भेदभाव की भावना को जन्म देगा।

विज्ञापन


पढ़ें: कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम को राहत नहीं, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

प्रतिनिधिमंडल की बातों को मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वह अपनी ओर से इस मांग को पूर्ण कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। साथ ही, प्रतिनिधिमंडल के विशेष आग्रह पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट भी करवाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सकारात्मक रूप से लिया और यथासंभव जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में विद्यापति परिषद, बगबेड़ा, जमशेदपुर के अध्यक्ष अनूप मिश्रा 'ज्योति', अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, झारखंड के प्रदेश सचिव पंकज कुमार झा, मिथिला सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष मोहन ठाकुर, महासचिव धर्मेश झा 'लड्डू', उपाध्यक्ष कैलाश झा, कार्यकारी सदस्य दिलीप झा, अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद सरायकेला के अध्यक्ष हंसराज जैन एवं महासचिव राजीव रंजन झा, झारखंड मैथिली मंच, रांची से राजकुमार मिश्र सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें