रांची की मेयर रमावति तिग्गा उर्फ रमा खलखो मेयर बनने के बाद देखते ही देखते पांच साल में करोड़ों की मालकिन बन गईं।
नोट के बदले वोट मामले में अभी चर्चा में आईं रमा खलखो साल 2008 का चुनाव जितकर मेयर बनी थीं। छोट से मकान में रहने वाली रमा इन्हीं कुछ सालों में करोड़ों के बंगले में पहुंच गईं।
राजनीति से पहले
राजनीति में प्रवेश से पहले रमा खलखो एचइसी परिसर के दो कमरे के छोटे से मकान में रहती थीं। उनके पति नारायण महतो बेरोजगार थे और घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।
राजनीति के बाद बदलाव
सरना समिति से राजनीति में प्रवेश करने वाली रमा खलखो झारखंड के गठन के बाद आदिवासी-मूलवासी की लड़ाई के दौरान सक्रिय भूमिका में सामने आईं।
इसी दौरान रमा खलखो बंधु तिर्की की नजर में आईं और उन्होंने रमा को झारखंड जनाधिकार मंच से जोड़ा।
बंधु तिर्की ने रमा को 2008 के चुनाव में मेयर पद का प्रत्याशी बनाया और चुनाव में रमा की जीत हुई। हाल में हुए रांची नगर निगम चुनावों में भी वह मेयर पद की प्रत्याशी हैं।
पांच साल के अपने कार्यकाल के दौरान रमा खलखो एचइसी परिसर के दो कमरे के छोटे से मकान से हिनू, गांधीनगर में स्थित करीब दो करोड़ से ज्यादा के बंगले में पहुंच गईं।
हालांकि, रमा अपने इस मकान की कीमत 25 लाख रूपए बताती हैं। इसी प्रकार उन्होंने अपने चुनाव ब्योरे में खुद पर 35 लाख रुपये का लोन भी बताया है। उनके पति नारायण खलखो के पास भी कोई रोजगार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि रांची नगर निगम चुनाव से एक दिन पहले होटल सिटी पैलेस में बरामद 22.31 लाख रुपए के मामले में रमा खलखो आरोपी हैं। उनके खिलाफ गिरफ्तार वारंट जारी किया गया और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।