झारखंड जाना जाता है आदिवासियों, नक्सलियों और प्राकृतिक संपदा के लिए। लोकसभा चुनाव के मौसम में अब झारखंड का जिक्र किया जाएगा दुमका सीट के लिए क्योंकि इस सीट पर 15 साल बाद भिड़ने वाले हैं शिबू सोरेन और बाबूलाल मरांडी।
झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन दोनों ही दुमका से चुनाव लड़ेंगे।
मरांडी झारखंड के पहले सीएम रहे हैं जबकि सोरेन सात बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और झारखंड के सीएम भी। मरांडी फिलहाल कोडरमा से लोकसभा सांसद हैं।
पुरानी है ये राजनीतिक अदावत
मरांडी और सोरेन की राजनीतिक अदावत बहुत पुरानी है। इस पुरानी लड़ाई में दो बार मरांडी की हार हुई है जबकि एक बार सोरेन की, मरांडी ने सोरेन की पत्नी को हराकर इस हार का बदला चुकता कर लिया था।
शिबू के खिलाफ मरांडी ने पहली बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। साल था 1991, इस चुनाव में मरांडी की हार हुई थी।
1996 में बीजेपी ने फिर मरांडी पर दाव लगाया। इस बार भी मरांडी की हार हुई लेकिन वो दूसरे स्थान पर रहे।
झारखंड बनने के बाद मरांडी उसके पहले सीएम बने। 1998 के लोकसभा चुनावों में मरांडी ने शिबू सोरेन को पराजित कर दिया। इसके बाद 1999 के लोकसभा चुनावों में मरांडी ने शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को हराया।
एक बार फिर आमने सामने
अब साल 2014 में फिर एक बार दोनों आमने सामने हैं। दुमका सीट ST के लिए आरक्षित है। मरांडी और सोरेन दोनों ही संथाल आदिवासी हैं।
24 तारीख को मोदी की दुमका में रैली भी है। लेकिन मोदी फैक्टर इस इलाके में बीजेपी के पक्ष में कोई कमाल दिखा पाएगा ऐसा मुश्किल ही लगता है।
मरांडी और सोरेन दोनों ही इस लड़ाई को लेकर उत्साहित हैं, दोनों के कार्यकर्ता भी लड़ाई के लिए तैयार हैं। अब देखना ये होगा कि इस बार की लड़ाई में कौन जीतेगा?