भाकपा माओवादी नक्सली एक कैदी वाहन पर हमला कर अपने नक्सली साथियों को छुड़ा कर ले गये। इस दौरान तीन पुलिसकर्मियों समेत चार लोगों की मौत हो गयी और दस लोग घायल हो गए। हमले में नक्सली पुलिसकर्मियों के हथियार भी लूट कर ले गये। बताया गया है कि वाहन में कुल 32 कैदी थे जिनमें से 29 कैदियों का पता नहीं लग पा रहा है। कहा जा रहा है कि डॉक्टर साहब और सहदेव सोरेन दोनों पर दस लाख रूपयों का इनाम था उन्हें भी नक्सली अपने साथ ले गये।
यह घटना तब हुई जब शाम चार बजे कोर्ट में पेशी के बाद कैदी वाहन में कैदियों को जेल ले जाया जा रहा था। वाहन में 32 कैदी थे, जिनमें कुछ कुख्यात नक्सली भी शामिल थे। इसी बीच गिरिडीह मंडलकारा से दो किलोमीटर पहले गिरिडीह धनबाद मुख्य मार्ग में अजीडीह मोड़ के पास घात लगाए बैठे 20-25 बाइक और बोलेरो पर सवार लगभग सौ नक्सलियों ने हमला बोल दिया। नक्सलियों के पास आधुनिक हथियार थे। उन्होंने कैदी वाहन के अजीडीह मोड़ के पास पहुंचते ही मालवाहक ट्रक से रास्ता रोककर वाहन पर बम और गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
तब नक्सलियों ने कैदी वाहन का दरवाजा खोलकर अपने साथियों को बाहर निकाला। इस दौरान नक्सलियों का विरोध करने पर एसआई प्रभुनाथ सिंह, सिपाही राजु कुमार दास, वाहन चालक सरोजानंद गोगराई और एक कैदी जिसकी पहचान नहीं हुई है को गोली मार दी गयी। इनमें से तीन की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी जबकि एक की मौत अस्पताल ले जाते समय हो गयी।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसपी एन.भी. होमकर, एसडीएम संजय भगत समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल पर तीन से अधिक जिन्दा बमों को निष्क्रिय किया। बाद में पुलिस ने सर्च अभियान चलाया जिसमें दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा पुलिस ने एक बोलेरो, चार राइफल भी जब्त की। इस बीच दो कैदियों संजय वर्मा और रमेश साहु ने जेल में जाकर समर्पण कर दिया।