पलामू जोन के महानिरीक्षक राजकुमार लाकड़ा ने बताया कि गढ़वा, लातेहार और पलामू में दोपहर तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार कुछ हद तक प्रभावित हुए हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
माओवादियों की ओर से बुलाए गए चौबीस घंटे के बंद का सोमवार को ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से असर देखने को मिला। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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ओडिशा के भवानीपटना-थुआमुल रामपुर-काशीपुर रोड पर लगाए गए एक आईईडी को निष्क्रिय कर दिया गया और सड़क को साफ कर दिया गया। झारखंड के कम से कम चार जिलों पश्चिमी सिंहभूम, गढ़वा, लातेहार और पलामू के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ क्योंकि कुछ बाजार बंद रहे और सड़कों पर कम वाहन चले। हालांकि, ट्रेन और लंबी दूरी की बस सेवाएं सामान्य रहीं। इन जिलों के शहरी इलाकों में बंद का कोई असर नहीं दिखा।
पलामू जोन के महानिरीक्षक राजकुमार लाकड़ा ने बताया कि गढ़वा, लातेहार और पलामू में दोपहर तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार कुछ हद तक प्रभावित हुए हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पश्चिमी सिंहभूम में बंद का असर माओवाद प्रभावित गोइलकेरा और सोनुआ प्रखंडों में देखा गया, जहां बाजार बंद रहे और कुछ सार्वजनिक परिवहन वाहन सड़कों पर चलते देखे गए।
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झारखंड के चतरा जिले में पुलिस मुठभेड़ में पांच माओवादियों के मारे जाने और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में उन पर कथित ड्रोन हमले के विरोध में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन ने रविवार आधी रात से बंद का आह्वान किया था। चतरा में तीन अप्रैल को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में पांच माओवादी मारे गए थे जिनमें से चार के सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम था।
पड़ोसी राज्य ओडिशा के 30 में से सात जिलों के कुछ ग्रामीण इलाकों में बंद का आंशिक असर देखने को मिला। कालाहांडी के जिला मुख्यालय भवानीपटना से करीब पांच किलोमीटर दूर किटपदर में माओवादियों द्वारा कथित तौर पर लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय कर दिया गया। भवानीपटना-थुआमुल रामपुर-काशीपुर रोड को अवरुद्ध करने के लिए काटे गए पेड़ों को हटा दिया गया और घटनास्थल पर माओवादी पोस्टर पाए गए।