झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे से पशुपालन मंत्री मन्नान मल्लिक ने अपने सभी सुरक्षाकर्मी और उनके लिए मिले सरकारी वाहन लौटा दिए हैं। उन्होंने अपने सरकारी वाहन में लगी बत्ती को भी हटा दिया है।
मंत्री ने कहा कि वह पिछले 18-20 सालों से बिना सुरक्षा के ही चल रहे हैं। अतिरिक्त सुरक्षा मिलने से वे लोगों से पहले की तरह नहीं मिल पा रहे थे।
इससे वह असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने अतिरिक्त विभाग न मिलने के चलते नाराज होने की वजहों से इनकार कर दिया है।
हालांकि, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वे अतिरिक्त विभाग न मिलने से ही नाराज हैं। इसी वजह से सुरक्षाकर्मी लौटाए हैं। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने विभाग को लेकर बी नाराजगी जता दी थी।
अब तक दो दिन ही कार्यालय पहुंचे
पदभार ग्रहण करने के बाद मन्नान मल्लिक अब तक दो दिन ही कार्यालय गए हैं। 27 अगस्त को उन्होंने मंत्री के रूप में धनबाद में काम करना शुरू किया।
अगले दिन रांची में प्रोजेक्ट भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। सितंबर में एक दिन कार्यालय आकर आवंटन से संबंधित फाइलें निपटाईं।