अब नक्सलियों ने बम बनाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। झारखंड के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह खुलासा किया है।
हाल ही में राज्य के लातेहार जिले से अगवा किए गए छह बच्चे विस्फोटक आईईडी ले जा रहे थे, जब उसमें से एक बच्चे की विस्फोटक के फटने से मौत हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक माइकल एस राज के मुताबिक, 13 सितंबर को बंधुआ गांव में दस वर्षीय परदेशी लोहारा की मौत उस समय हो गई, जब वह विस्फोटक लेकर जा रहा था। नक्सलियों के दबाव में परिजनों ने बच्चे के शव को फौरन दफना दिया।
मिली सूचना के आधार पर बच्चे के शव को बुधवार को खोदकर निकाला गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस ने छापामारी कर बाकी के पांच बच्चों को नक्सलियों के चंगुल से छुड़ाया। इन सभी की उम्र 12 से 14 साल के बीच है। इन बच्चों ने कई आईईडी बनाई है।