दक्षिण पूर्व रेलवे (आद्रा डिवीजन) के डीआरएम मनीष कुमार ने मीडिया को बताया कि बोकारो जिले के भोजूडीह रेलवे स्टेशन के पास संथालडीह रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक्टर रेलवे गेट से टकरा गया। हालांकि, ट्रेन के चालक ने ब्रेक लगाया और ट्रेन रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
झारखंड के बोकारो जिले में मंगलवार शाम नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22812) हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भोजूडीह रेलवे स्टेशन के पास संथालडीह रेलवे क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर रेल पटरी और गेट के बीच फंस गया था। उसी समय राजधानी एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। लेकिन ट्रेन ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
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दक्षिण पूर्व रेलवे (आद्रा डिवीजन) के डीआरएम मनीष कुमार ने मीडिया को बताया कि बोकारो जिले के भोजूडीह रेलवे स्टेशन के पास संथालडीह रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे लाइन और गेट के बीच एक ट्रैक्टर फंस गया था। हालांकि, ट्रेन के चालक ने ब्रेक लगाया और ट्रेन रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया।
करीब 45 मिनट तक रुकी रही राजधानी एक्सप्रेस
मनीष कुमार ने कहा कि घटना शाम करीब पांच बजे हुई और इस कारण ट्रेन करीब 45 मिनट तक रुकी रही। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। गेट मैन को निलंबित कर दिया गया है।
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ओडिशा के बालासोर जिले में दो जून को हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना के बाद यह मामला सामने आया है। बालासोर में एक साथ तीन ट्रेनों के टकराने से 288 लोगों की मौत हो गई और 1,100 से अधिक लोग घायल हुए।
असम में रेल इंजन से अलग हुए थे ट्रेन के डिब्बे
इससे पहले, बीते शनिवार को असम के कोकराझार जिले में भी बड़ा ट्रेन हादसा टला था, जब एक ट्रेन का इंजन और दो अन्य डिब्बों के साथ आगे चला गया था, जबकि शेष आठ डिब्बे बाकी ट्रेन से अलग हो गए थे। ट्रेन का इंजन दो डिब्बों के साथ करीब 600 मीटर तक आगे चला गया था। गनीमत यह रही कि पीछे से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी, इसलिए बड़ी घटना होते-होते बची।