झारखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2018 में खूंटी जिले में पांच महिला कार्यकर्ताओं के कथित अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में फादर अल्फोंसो आईंद को जमानत दे दी है। मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति एबी सिंह की अदालत ने आईंद को मृत सैनिकों के परिवारों के लिए स्थापित ‘शहीद कोष’ में 15,000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
फादर अल्फोंसो आईंद, कोचांग गांव स्थित उस मिशनरी स्कूल का प्रमुख था, जहां से महिलाओं का अपहरण किया गया था। पीठ ने आईंद को निचली अदालत की अनुमति के बिना खूंटी जिला छोड़कर न जाने और अदालत में अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। सभी आदिवासी पीड़ित महिलाएं 19 जून, 2018 को मानव तस्करी के खिलाफ एक नाटक का मंचन करने के लिये स्कूल आई थीं।
वहीं से उनका अपहरण करके, उन्हें जबरन सात-आठ किलोमीटर जंगल में ले जाकर बंदूक की नोक पर उनसे सामूहिक बलात्कार किया गया। फादर आईंद के खिलाफ इस जघन्य अपराध के सिलसिले में दो प्राथमिकी दर्ज की गईं थी। आईंद पर दोषियों को न रोकने और पुलिस को इस घटना के बारे में सूचित करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया हैं। उन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों को दोषियों के साथ जाने के लिए कहा था और साथ ही, कहा था कि उन्हें कुछ समय बाद छोड़ दिया जाएगा।