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Jharkhand: कांग्रेस महासचिव बोले- कल्पना में CM बनने के सभी गुण; हेमंत के साथ अन्याय की कीमत चुकाएगी BJP

Tue, 09 Apr 2024 07:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि सांप्रदायिक ताकतों के आगे झुकने के बजाय जेल जाने को तरजीह देने वाले हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद 'इंडिया' के पक्ष में लहर है और विपक्षी गठबंधन उस पर सवार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करेगा। उ
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कल्पना सोरेन, गुलाम अहमद मीर - फोटो : एक्स
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विस्तार
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कांग्रेस महासचिव और राज्य के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), नेताओं और लोगों के साथ किए गए अन्याय की भारी कीमत चुकाएगी। 

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मीर ने दावा किया कि सांप्रदायिक ताकतों के आगे झुकने के बजाय जेल जाने को तरजीह देने वाले हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद 'इंडिया' के पक्ष में लहर है और विपक्षी गठबंधन उस पर सवार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा, भाजपा की सबसे बड़ी गलती वह अन्याय है, जो हेमंत सोरेन और (दिल्ली के मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल व देश के आम लोगों के साथ कर रही है। बिना किसी ठोस आधार के सोरेन जैसे नेता को गिरफ्तार करने की उन्हें भारी कीम चुकाी पड़ेगी। इस कदम से विपक्षी गठबंधन की लोकप्रियता बढ़ी है और उसके पक्ष में सहानुभूति की लहर भी है। 

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित जमीन घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। मीर ने कहा कि भगवा खेमा सोरेन को खतरे के रूप में देखता है, क्योंकि ऐसे नेता आदिवासी समुदाय में विरले ही देखे जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी उनकी आवाज को दबाने की रणनीति है। मीर ने एक सवाल के जवाब में कहा, कल्पना सोरेन (हेमंत सोरेन की पत्नी) बहुत बुद्धिमान हैं और उनके पास विजन है। उनके पास मुख्यमंत्री पद के लिए सभी गुण हैं और अगर जरूरत पड़ी तो हम सहयोगी के तौर पर उनका समर्थन करेंगे।

अटकलें हैं कि झामुमो कल्पना को गांडे विधानसभा से मैदान में उतार सकती है, जहां 20 मई को संसदीय चुनाव के साथ उपचुनाव होने हैं। गिरिडीह जिले की यह सीट झामुमो विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। भाजपा पर हमला बोलते हुए मीर ने दावा किया, हमने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो जमीन से जुड़े हुए और ईमानदार हैं और जनता के लिए उपलब्ध हैं। भाजपा के विपरीत हम नेताओं को आयात नहीं कर रहे हैं। मीर ने कहा कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों में दबदबा बनाने के बावजूद भाजपा के लिए मुश्किल हालात बने हुए हैं ।
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गिरिडीह लोकसभा सीट से  भाजपा ने अपना उम्मीदवार उतारा है और सहयोगी आजसू पार्टी के साथ हुए समझौते के मुताबिक वह 13 सीट पर चुनाव लड़ रही है। राज्य में 14 लोकसभा सीट हैं, जिनमें चार चरणों में मतदान होगा। 13 मई से राज्य में मतदान शुरू होगा। भाजपा ने ज्यादातर टिकट उन लोगों को दिए हैं जो या तो लोकसभा चुनाव से पहले या उससे पहले पार्टी में आए हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन इस बार कम से कम 8-9 सीट जीतेगा। यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है क्योंकि मतदाता इस बार भाजपा से निराश हैं। 
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