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झारखंड: JPSC विवाद में सरकार के खिलाफ बिगुल, रिफॉर्म मंच बोला- मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन

Thu, 20 Aug 2026 09:53 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

JPSC परीक्षा विवाद में हाईकोर्ट की रोक के बाद झारखंड रिफॉर्म मंच ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष नहीं रखा। छात्र नेताओं ने दो महीने का समय देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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झारखंड रिफॉर्म मंच मीडिया को जानकारी देते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जेपीएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद झारखंड रिफॉर्म मंच ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर छात्रों के आंदोलन को धोखे से खत्म करने का आरोप लगाया।

मंच के छात्र नेताओं ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने जेपीएससी की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है, तो उसे हाईकोर्ट में भी मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। छात्रों ने आरोप लगाया कि कोर्ट में राज्य सरकार के वकील ने मामले को मजबूती से नहीं रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में बड़े और सक्षम वकीलों को नियुक्त कर प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखना चाहिए, ताकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में उचित निर्णय हो सके।

राज्य सरकार को दो महीने का समय दिया

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छात्र नेता कुणाल कुमार, पियूष कुमार और रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्रों ने राज्य सरकार को दो महीने का समय दिया है। इस अवधि में सरकार को कोर्ट में मजबूती से पैरवी करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। यदि सरकार ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई और छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान

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उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग को लेकर है। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि परीक्षा में अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

रिफॉर्म मंच ने राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान किया है। मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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