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झारखंड में राष्ट्रपति शासन के आसार, गर्वनर से मिले सोरेन

Mon, 14 Jan 2013 09:33 AM IST
रांची/एजेंसी
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झारखंड में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के इस्तीफा दिए जाने के बाद से अभी तक किसी भी दल ने राज्य में सरकार गठन का दावा नहीं किया है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की संभावना दिखाई दे रही है।
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इस बीच सरकार गठन की कवायद को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राजद के नेताओं ने शनिवार को राज्यपाल सैयद अहमद से अलग-अलग मुलाकात की। झामुमो नेताओं ने राज्य में नई सरकार के गठन के लिए और वक्त मांगा है।

राजभवन के सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने झामुमो, कांग्रेस और राजद नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की लेकिन उन्हें भविष्य में भी सरकार गठन के लिए किसी पार्टी की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। राज्य के राजनीतिक हालात के बारे में केंद्र को जल्द ही दूसरी स्टेट्स रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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राज्यपाल ने पहली स्टेट्स रिपोर्ट 8 जनवरी को भेजी थी। अर्जुन मुंडा सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंपे जाने के बाद शनिवार को पहली बार झामुमो ने राज्यपाल से मुलाकात की। पार्टी विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से राज्य में नई सरकार के गठन के लिए और अधिक समय देने की मांग की।

राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, सोरेन ने कहा कि केवल 38 विधायक ही सदन को भंग किए जाने के पक्ष में हैं जबकि अन्य सदस्य वैकल्पिक सरकार के गठन के पक्ष में हैं। सरकार बनाने को लेकर हम समान विचारधारा वाली राजनीतिक दलों से संवाद कर रहे हैं, ऐसे में हमें कुछ और वक्त दिया जाए।

इस बीच कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अहमद से मुलाकात की और कहा कि सरकार गठन के लिए बातचीत चल रही है लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। राजद विधायक दल ने राज्यपाल से नई सरकार की संभावना तलाशने के लिए और समय देने की मांग की।

आजसू नेता सुदेश महतो ने राज्यपाल से मुलाकात कर विधानसभा को भंग कर नए चुनाव कराने की मांग की। 82 सदस्यीय प्रदेश विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 13, झारखंड विकास मोर्चा (पी) 11, राजद के 5, आजसू पार्टी के छह, जदयू के 2, दो निर्दलीय, झारखंड पार्टी (एक्का), झारखंड जनाधिकार मंच, जय भारत समता पार्टी, मार्क्सवादी समन्वय पार्टी, सीपीआई-एमएल (एल) का एक-एक विधायक है।

राज्य में चुनाव कराए जाएं: गोस्वामी
झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा है कि राज्य में विधानसभा को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराना ही बेहतर विकल्प है। इससे राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जा सकेगी।

राष्ट्रपति शासन आखिरी विकल्प होना चाहिए: लालू
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को झारखंड के राज्यपाल सैयद अहमद से अपील की कि उन्हें राज्य में लोकप्रिय सरकार के गठन की संभावनाओं पर गौर करना चाहिए। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना आखिरी विकल्प होना चाहिए।

पार्टी प्रमुख पद के लिए लगातार आठवीं बार निर्वाचन के लिए नामांकन पत्र भरने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में झामुमो, कांग्रेस या फिर किसी अन्य धर्मनिरपेक्ष दल के नेतृत्व में सरकार का गठन होना चाहिए। राज्य में राजद के पांच विधायक हैं।
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