झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चार महीनों की अटकलों के बाद अपनी शर्तें बताते हुए साफ कर दिया कि उसे कांग्रेस के साथ सरकार बनाने से कोई परहेज नहीं है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी शर्तें बताते हुए कहा कि अगर हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बनते हैं और कांग्रेस चुनाव पू्र्व कोई शर्त न रखे तो कांग्रेस के साथ गठबंधन संभव है।
झामुमो ने बोकारो में केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद मंगलवार को ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि गठबंधन की इस सरकार में झामुमो सबसे बड़ी पार्टी होगी।
शिबू सोरने पर छोड़ा फैसला
झामुमो की बैठक में बारह विधायकों और सभी जिलों के अध्यक्ष व सचिवों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि समय से पहले चुनाव कराना नाइंसाफी होगी।
अंत में सभी ने अंतिम फैसला पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन पर छोड़ दिया।
भाजपा पर भड़के
बैठक में सभी ने एकसुर में भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की। भजपा को मतलबपरस्त पार्टी करार दिया गया और वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया गया।
राहुल की बैठक में फैसला नहीं
झारखंड में सरकार गठन और राजनीतिक संभावनाओं के मुद्दे पर कांग्रेस की भी बैठक हुई।
राहुल गांधी ने पहली बार नई दिल्ली में कांग्रेस की चुनाव पूर्व गठबंधन समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में मंगलवार को कोई निर्णय नहीं हो सका। इस पर आगे भी बैठक होगी।