झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगने के चार माह बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अब आरपार का फैसला ले सकता है।
कई कोशिशों और इंतजार के बाद कांग्रेस से किसी प्रकार के संकेत न मिलने से झामुमो अब चुनाव में उतरने को लेकर अंतिम फैसला लेगा।
इसके लिए झामुमो की केंद्रीय कमेटी की मंगलवार से बोकारो में दो दीवसीय बैठक हो रही है।
यह बैठक झामुमो के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें सरकार गठन के बारे में और चुनाव कराने की मांग को लेकर फैसला हो सकता है।
साथ ही बैठक में यह भी तय होगा की कांग्रेस और झामुमो लोकसभा चुनाव में साथ होंगे या नहीं।
मुंडा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद झामुमो को कांग्रेस ने साथ आने के साफ संकेत नहीं दिए हैं।
जब भी झामुमो की उम्मीद टूटने लगती है कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेता सरकार गठन पर विचार विमर्श शुरू कर देते हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान इस मामले में कुछ नहीं कहता।
ऐसे में झामुमो जल्द ही चुनाव कराने की मांग भी कर सकता है। भाजपा पहले से ही चुनाव कराने की मांग कर रही है।
इस बैठक में महाधिवेशन के आयोजन पर भी विशेष चर्चा होगी।