राजधानी रांची पहुंची वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारियों की टीम के साथ हुई बैठक में राज्य को करीब पांच हजार करोड़ रूपये की बकाया राशि देने पर सहमति दी गई। इस बैठक में झारखंड के अधिकारियों ने केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष राज्य के विकास की राह में आनेवाली समस्यायें भी रखीं।
राज्य के विकास का खाका तैयार करने के लिये आई केंद्रीय अधिकारियों की टीम के साथ रांची में राज्य के अधिकारियों की आईआईसीएम में शुक्रवार को दिनभर बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजीत कुमार सेठ ने की। बैठक में झारखंड के विकास से संबंधित कई मुद्दे उठाये गये।
अधिकारियों की इस बैठक में मनरेगा में मजदूरी बढ़ाने की बात कही गई। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित अत्याधुनिक थानों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के साथ ही पुलिस के रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया गया।
साथ ही केंद्रीय अधिकारियों के साथ झारखंड ने केंद्र के पास लंबित मामलों की चर्चा की। राज्य के अधिकारियों ने कहा कि विशेष केंद्रीय सहायता मद में 3,900 करोड़ में से राज्य को अब तक सिर्फ 1100 करोड़ ही मिले हैं। 13वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में मंजूर 1500 करोड़ रुपये में से भी केवल 800 करोड़ रुपये मिले हैं। प्रशिक्षण मद के 129 करोड़ केंद्र के पास बकाया हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा की दूसरी किश्त भी अब तक जारी नहीं की गयी है, जबकि राज्य ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। झारखंड की ओर से मनरेगा में निर्धारित मजदूरी 122 रुपये को बढ़ा कर राज्य में लागू न्यूनतम मजदूरी 154.54 रुपये के बराबर करने की मांग की। केंद्रीय अधिकारियों ने इस पर जल्द ही कार्यवाही करने की बात कही है। साथ ही राज्य को 5000 करोड़ की बकाया राशि जल्द जारी करने का आश्वासन दिया।