झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत दो बार नोटिस देकर सुनवाई करने के बाद भी आवश्यक दस्तावेज जमा न करने वाले मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों तथा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को 22 अक्तूबर तक यह सूची अनिवार्य रूप से तैयार करने का निर्देश जारी किया है।
आगामी नवंबर के प्रथम सप्ताह में बूथ स्तरीय अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों की पांचवीं बैठक आयोजित होगी, जिसमें इस सूची को साझा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस सूची को संबंधित मतदान केंद्रों पर भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि मतदाता आवश्यक प्रमाणपत्र समय पर जमा कर सकें।
पात्र नागरिकों की सहायता पर बल
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुनरीक्षण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी योग्य भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम पंजीकृत कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बूथ स्तरीय अधिकारियों को अपने रजिस्टर में ऐसे नए और युवा पात्र नागरिकों की अलग सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जिन्होंने फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता बनने के लिए आवेदन जमा किया है, परंतु घोषणा पत्र के लिए आवश्यक सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं। बूथ स्तरीय अधिकारी स्वयं इन आवेदकों से संपर्क स्थापित करेंगे और उन्हें आवश्यक दस्तावेज जुटाने में पूर्ण सहयोग देंगे।
दूसरे स्थान पर नाम होने पर विलोपन
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी व्यक्ति का नाम किसी अन्य राज्य अथवा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मिलता है और वह संबंधित मतदान केंद्र की सूची में अपना नाम नहीं बनाए रखना चाहता, तो नियमानुसार उसका नाम सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नाम विलोपन की प्रक्रिया को नियमबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
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डिजिटल प्रणालियों पर प्रविष्टियों में तेजी
समीक्षा बैठक में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के आवेदनों के साथ-साथ नोटिस सुनवाई के बाद जारी किए गए आदेशों को ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने का कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। सभी उत्तरदायी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर डिजिटलीकरण की प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए गए।