झारखंड के कोडरमा की एक बच्ची का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। छठवीं में पढ़ने वाली लड़की के सवाल सुनकर हर कोई हैरान है। लड़की चुनौती देते हुए पूछ रही है कि क्या केवल डीसी और एसपी के बच्चे पढ़ेंगे। मजदूरों के बच्चे अनपढ़ रहेंगे। मेरे माता-पिता मजदूरों के साथ धरना दे रहे हैं। इस लिए मैं भी धरना देने आई हूं। मैं प्रधानमंत्री की बेटी नहीं हूं, जो मुझे तकलीफ नहीं होगी।
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समा परवीन नाम की इस बच्ची के जवाब देने का अंदाज लोगों को पसंद आ रहा है। दरअसल, मजदूरी का काम बंद होने के कारण उसके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। लड़की दावा कर रही है कि वह पढ़ाई नहीं कर पा रही। दूसरे मजदूरों के बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
कोडरमा के ढोढ़ाकोला गांव की रहने वाली समा की उम्र महज 9 वर्ष है। परिवार ढिबरा स्क्रैप चुनकर अपना भरण पोषण करता है। लड़की ने दावा किया कि उसके पिता पर पुलिस ने झूठा मुकदमा कर दिया और चाचा को जेल भेज दिया। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वह धरने पर रहेगी। ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ की ओर से 28 फरवरी 9 मार्च अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर धरना दिया जा रहा था। यह वीडियो उसी समय का है।