शिक्षित बेरोजगारों को संबल देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के द्वारा प्रोत्साहन भत्ता देने का एलान किया है। झारखंड में इसके लिए एक अप्रैल से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के तहत तकनीकी रूप से प्रशिक्षित बेरोजगारों को साल में एक बार पांच हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता दिया जाना है।
सरकार की इस योजना के तहत झारखंड में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित और नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी से प्रमाणित बेरोजगार जो किसी भी रोजगार या स्वरोजगार में नहीं हैं उन्हें साल में एक बार पांच हजार रुपये श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से दिए जाएगें। यह प्रोत्साहन भत्ता का लाभ वर्ष 2021-22 के दौरान दिया जाएगा।
यह है आवेदन की प्रक्रिया
यदि आप युवा हैं और अभी तक कोई रोजगार नहीं है तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के लिए जो भी अभ्यर्थी अपना आवेदन जमा कर रहे हों, उन्हें एफिडेविट के जरिए सही सूचनाओं के बारे में उद्घोषणा करनी होगी। आवेदन में सिर्फ और सिर्फ सही और सटीक जानकारी देना बेहद जरूरी है। आगे की जांच-पड़ताल में यदि आवेदकों की ओर से कोई गलत जानकारी देने का प्रमाण मिलता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रोत्साहन भत्ता के लिए ये हैं जरूरी