यह शॉल गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड स्थित भगैया क्षेत्र के स्थानीय बुनकरों द्वारा हाथ से बुना गया था। यह न केवल झारखंड की समृद्ध बुनकरी परंपरा, हस्तशिल्प कौशल और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है, बल्कि राज्य की लोककला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक सशक्त प्रयास है।
देवघर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर झारखंड सरकार की ओर से ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति को झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भगैया सिल्क से निर्मित एक विशेष शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
यह शॉल गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड स्थित भगैया क्षेत्र के स्थानीय बुनकरों द्वारा हाथ से बुना गया था। यह न केवल झारखंड की समृद्ध बुनकरी परंपरा, हस्तशिल्प कौशल और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है, बल्कि राज्य की लोककला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक सशक्त प्रयास है।
इस स्वागत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस क्षण को और भी गरिमामय बना दिया। महामहिम राष्ट्रपति का देवभूमि देवघर आगमन समूचे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपस्थिति ने राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और विशेषकर आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है।