दुमका सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डिप्टी सुपरिटेंडेंट) डॉ विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि छिपकली में इतना जहर नहीं होता है कि कोई बहुत बड़ी घटना हो। यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या की तरह है, क्योंकि लोगों को लगता है कि उन्होंने छिपकली वाला भोजन कर लिया और मनोवैज्ञानिक प्रभाव (साइकोलॉजिकल इफेक्ट) के कारण उन्हें उल्टी होने लगती है।
लोगों की संतुष्टि के लिए उनकी जांच की गई है और उन्हें ओआरएस दिया गया है। सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों को बहुत ज्यादा घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संयम से काम लेना चाहिए। मालूम हो कि प्रभावित लोगों में एक ही परिवार से कई-कई लोग शामिल हैं। स्थिति में सुधार होने के बाद सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।