झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल)
- फोटो : फेसबुक/ हेमंत सोरेन
झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। पांच दिनों तक चले सत्र के दौरान आठ विधेयक पारित किए गए और और 8,533.79 करोड़ रुपये के पूरक बजट को मंजूरी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि सत्र के दौरान सदस्यों से कुल 326 प्रश्न मिले और इनमें से 230 को मंजूरी दी गई। जबकि 192 प्रश्नों के उत्तर दिए गए।
वहीं, इससे पहले, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को सदन में कहा कि रेलवे भी अवैध खनन कर रहा है। उन्होंने घोषणा कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) राज्य से रेलवे द्वारा अवैध रूप से खनन किए गए खनिजों के कथित परिवहन की जांच करेगा।
विधानसभा में बोलते हुए सोरेन ने कहा कि रेलवे द्वारा राज्य से कितने खनिज का परिवहन किया गया और अवैध परिवहन की सीमा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। उन्होंने कहा, पत्थर, रेत और कोयले के अवैध परिवहन के लिए ट्रकों और ट्रैक्टरों को दोषी ठहराया जाता है। लेकिन, यह ट्रेनों के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर होता है। राज्य सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।
14 दिसंबर को सोरेन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अवैध रूप से खनन खनिजों के परिवहन में रेलवे अधिकारियों की कथित संलिप्तता की ओर उनका ध्यान आकर्षित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन्हें इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के राज्य सरकार के फैसले के बारे में भी बताया।
भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए सोरेन ने कहा, भाजपा सरकार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के सामने घुटने टेक देते हैं ताकि वह अपनी राजनीति कर सकें। सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध खनन मामले की जांच के सिलसिले में 17 नवंबर को साढ़े नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।