फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand News: रामगढ़ में आदिवासियों का जनसैलाब; कुड़मी को एसटी दर्जा देने की मांग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज

Wed, 24 Sep 2025 07:52 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामगढ़/रांची

सार

Jharkhand News In Hindi : रामगढ़ एमएमटी ग्राउंड में विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। ढोल-मांडर की थाप और पारंपरिक हथियारों के साथ पहुंचे हजारों लोग विरोध जताते हुए रामगढ़ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और डीसी को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड में कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। इसको लेकर आदिवासी समुदाय ने बुधवार को रामगढ़ एमएमटी ग्राउंड में विशाल विरोध प्रदर्शन किया। ढोल-मांडर की थाप और पारंपरिक हथियारों के साथ पहुंचे हजारों लोग विरोध जताते हुए रामगढ़ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और डीसी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल आदिवासी समाज के लोग पतरातु, बरकाकाना, भुरकुंडा, भदानीनगर, सिरका, अरगड्डा, हेसला, मांडू, कुजू, गोला, दुलमी, रजरप्पा और चितरपुर जैसे इलाकों से ट्रैक्टर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पूरा इलाका आदिवासी नारे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से भर गया।
विज्ञापन


सरकार को दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शन कर रहे आदिवासी नेता सुखराम मुंडा,अनीता कच्छप, आनंद महली सहित कई नेताओं ने स्पष्ट कहा कि कुर्मी समाज को ST सूची में शामिल करने का प्रयास आदिवासियों के आरक्षण अधिकारों और राजनीतिक-सामाजिक अस्तित्व के लिए खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया तो आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा। एकजुट होकर सभी संगठनों ने कहा कि आरक्षण अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक संघर्ष जारी रहेगा।

ये भी पढ़ें- Bihar Election : सीमांचल में सबसे ज्यादा सीटें लेगी कांग्रेस; आखिर कांग्रेस कार्यसमिति से कैसे मिल रहा संकेत?
विज्ञापन
विज्ञापन


आदिवासी संगठन लगातार इस मुद्दे पर लामबंद हो रहे
गौरतलब है कि राज्य के कई हिस्सों में आदिवासी संगठन लगातार इस मुद्दे पर लामबंद हो रहे हैं। रामगढ़ का यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुर्मी समुदाय ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से आदिवासी नहीं है, इसलिए उसे अनुसूचित जनजाति का दर्जा देना अनुचित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आगे चलकर आदिवासी और कुर्मी समुदायों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। हालांकि प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

ये भी पढ़ें- CWC Meeting LIVE: 'बिहार में आया नीतीश गया नीतीश', खरगे के कसा तंज; राहुल गांधी ने बताया 'इंडिया' लक्ष्य


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें