प्लस टू गर्ल्स स्कूल चतरा हिजाब विवाद
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जांच में नहीं मिले आरोपों के प्रमाण
हालांकि जब एसडीओ, डीईओ और थाना प्रभारी ने मौके पर स्कूल पहुंचकर रजिस्टर की जांच की, तो पता चला कि दोनों सेक्शन में सभी वर्गों की छात्राएं नामांकित हैं। साथ ही मारपीट की पुष्टि भी नहीं हो सकी। प्रशासन का कहना है कि मामले को तफ्तीश के दायरे में रखा गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जाएगी।
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प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
प्रिंसिपल नीतू कुमारी प्रजापति ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि स्कूल में स्पष्ट ड्रेस कोड लागू है। उन्होंने बताया कि हिजाब पहनने से मना नहीं किया गया, बल्कि स्कूल परिसर में हिजाब को बैग में रखने की सलाह दी गई, ताकि अनुशासन बना रहे। यह निर्णय स्कूल प्रबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था। उन्होंने कहा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोप दुर्भाग्यपूर्ण और भ्रामक हैं।
‘पहली बार उठी हिजाब को लेकर आपत्ति, प्रशासन करेगा गहन जांच’
एसडीओ जहूर आलम ने बताया कि 1956 से संचालित इस स्कूल में पहली बार हिजाब से जुड़ा विवाद सामने आया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की टॉप तीन छात्राएं मुस्लिम समाज से हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्कूल में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।