झारखंड के उग्रवाद प्रभावित खूंटी जिले में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में चार पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) नक्सली और एक अन्य अपराधी को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस छापेमारी में नक्सलियों के पास से दो लोडेड देशी पिस्टल, दस जिंदा कारतूस, दो लोडेड मैगजीन, एक चाकू, एक बाइक, एक स्कूटी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
सिग्नल ऐप से लेते थे निर्देश, बना रहे थे साजिश
खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए सभी नक्सली पीएलएफआई संगठन से जुड़े हैं और वे सिग्नल ऐप के जरिए संगठन के शीर्ष नक्सलियों के संपर्क में रहते थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि खूंटी शहर के उरांव टोली स्थित सरकारी विद्यालय के पास कुछ संदिग्ध युवक हथियारों के साथ किसी बड़ी आपराधिक घटना की साजिश रच रहे हैं।
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सूचना मिलते ही डीएसपी वरुण कुमार के नेतृत्व में एक छापामारी टीम का गठन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु डीएसपी रामप्रवेश, थाना प्रभारी मोहन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और एक एस्बेस्टस छत वाले मकान में छापा मारकर सभी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान और आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार नक्सलियों में पवन लोहरा, विक्की लोहरा, अर्जुन लोहरा और अर्पित केरकेट्टा शामिल हैं, जिनकी उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है। इनके अलावा सागर मुंडा नामक एक अन्य युवक को रंगदारी वसूली के मामले में पकड़ा गया है, जिसकी उम्र 25 वर्ष है।
विक्की लोहरा और पवन लोहरा के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। विक्की के खिलाफ नामकुम, रांची, धुर्वा, तुपुदाना और सुखदेवनगर थानों में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं, पवन के खिलाफ छत्तीसगढ़ के बगीचा थाना, धुर्वा और नामकुम (खरसिदाग) थानों में आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।
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बड़ी वारदात को टालने में कामयाबी
खूंटी पुलिस की इस कार्रवाई से पीएलएफआई की एक बड़ी आपराधिक योजना नाकाम हो गई है। पुलिस अब गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका नेटवर्क कहां-कहां फैला है और ये किस-किस वारदात में शामिल रहे हैं।