राजधानी रांची के नगड़ी में बनने जा रही अत्याधुनिक ट्रॉमा यूनिट और मेडिकल कॉलेज (रिम्स-2) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर राज्य सरकार इसे बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि बताते हुए 700 बेड वाले नए मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीण जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर विरोध जता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है, जबकि उन्हें उचित मुआवजा और ठोस पुनर्वास योजना नहीं दी गई है। नगड़ी के रैयत मंडल मुर्मू ने कहा कि हम लोग खेती कर परिवार चलाते हैं। अगर जमीन छिन जाएगी तो हम कहां जाएंगे? सरकार को पहले उचित मुआवजा और पुनर्वास देना चाहिए। राज्य सरकार रिम्स-2 प्रोजेक्ट के तहत 110 एकड़ भूमि पर 1074 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना शुरू करना चाहती है। लेकिन, जमीन अधिग्रहण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्ष ने कसा तंज
सदन तक पहुंचा मामला
नगड़ी में पुराना विवाद
नगड़ी इलाका भूमि विवादों के लिए पहले से संवेदनशील माना जाता है। आईआईएम, विधानसभा भवन और अन्य परियोजनाओं के दौरान भी यहां भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों और सरकार के बीच टकराव हुआ था। 1957-58 में भी सरकार ने सार्वजनिक प्रयोजन हेतु भूमि अधिग्रहण का दावा किया था, लेकिन वास्तविक कब्ज़ा स्पष्ट न होने से आज भी ग्रामीण अपनी दावेदारी जताते हैं।
फिलहाल परियोजना अधर में