झारखंड में महिलाओं और बच्चियों पर बढ़ते अपराधों को लेकर डीजीपी अनुराग गुप्ता ने 6 मार्च को समीक्षा बैठक बुलाई है। जोनल आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी शामिल होंगे। बैठक में लंबित मामलों, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, विक्टिम मुआवजा और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा होगी।
राज्य में महिलाओं और बच्चियों के साथ लगातार हो रही दुष्कर्म के मामलों पर पुलिस गंभीरता से विचार कर रही है। झारखंड डीजीपी अनुराग गुप्ता बढ़ती अपराधिक घटनाओं की समीक्षा करेंगे। जानकारी के अनुसार यह बैठक 6 मार्च को होनी है।
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झारखंड महिलाएं और बच्चियों के साथ लगातार दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं, जिसको लेकर अब पुलिस महकमा भी सख्त होता नजर आ रहा है। राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आगामी 6 मार्च को एक समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और जिले के एसपी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देशय राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर कदम उठाना और सभी लंबित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
जोनल आईजी और रेंज के डीआईजी को दिए गए ये दिशा निर्देश
* सभी 61 धाराओं के तहत दर्ज कांड में अनुसंधान की स्थिति।
* तीन महीने से अधिक समय से लंबित सुपरविजन के लिए केस की स्थिति।
* ऐसे सभी मामले जिनमें अभियुक्तों के खिलाफ कांड सत्य हुआ है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
•अभियुक्तों की गिरफ्तारी की स्थिति, यदि गिरफ्तार नहीं हुए हैं, तो उनके कारण।
* इन सभी 61 धाराओं में दर्ज ऑनलाइन प्राथमिक और की गई कार्रवाई।
* सत्य पाए गए कांडों में विक्टिम कंपनसेशन के लिए की गई कार्रवाई और लंबित मामले।
* यदि पीड़िता एसटी एससी श्रेणी में आती है, तो संबंधित क्षेत्र के तहत कंपनसेशन की कार्रवाई।