नए लेबर कोड के खिलाफ CITU ने किया प्रदर्शन
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केंद्र सरकार द्वारा पारित चार नए लेबर कोड के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के तहत राजधानी रांची में भी भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (CITU) के नेतृत्व में श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान श्रम विभाग कार्यालय का घेराव किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।
बिना चर्चा कानून लाने का आरोप
मौके पर CITU के प्रदेश महासचिव बिस्वजीत डे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूर संगठनों से किसी भी तरह की चर्चा किए बिना लाए गए हैं। उनका कहना था कि कोविड काल के दौरान इन कानूनों को पारित किया गया, जिसका उस समय भी मजदूर संगठनों ने विरोध किया था।
बातचीत के बिना लागू करने की कोशिश पर आपत्ति
बिस्वजीत डे ने कहा कि अब इन लेबर कोड को मजदूर संगठनों से बातचीत किए बिना लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे श्रमिक हितों की अनदेखी बताते हुए कहा कि सरकार संवाद के रास्ते से दूर जा रही है।
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स्थायी रोजगार पर खतरे की आशंका
सीटू के प्रदेश महासचिव ने आरोप लगाया कि नए लेबर कोड लागू होने से ठेका प्रथा और अस्थायी रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थायी नौकरियों की संख्या में भारी कमी आने की आशंका है, जिससे मजदूरों की सुरक्षा और भविष्य पर संकट खड़ा हो जाएगा।
मजदूर अधिकारों के कमजोर होने का दावा
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन कानूनों से यूनियन बनाने, सामूहिक सौदेबाजी और हड़ताल जैसे मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकार कमजोर होंगे। उन्होंने लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए इसे कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने वाला करार दिया।