पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड के दुमका ज़िले में गुरुवार को हुए संदिग्ध माओवादी हमले में आठ लोगों की मौत के अलावा पुलिस बलों के हथियार भी लूटे गए।
दुमका के आरक्षी महानिरीक्षक उमेश सिंह ने बताया, "हमले के बाद माओवादी घायल पुलिस वालों के पांच इंसास राइफल और 550 कारतूस लूट लिए।" ये हथियार आधुनिक किस्म के होते हैं।
आठ की मौत, नौ हुए थे घायल
गुरुवार की शाम दुमका जिले के शिकारी पाड़ा में संदिग्ध माओवादियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर एक बस को उड़ा दिया था। इस घटना में पुलिस के पांच जवानों समेत आठ लोग मारे गए हैं। इनके अलावा नौ लोग घायल हुए हैं। सभी लोग मतदान कराकर वापस दुमका लौट रहे थे।
शुक्रवार को उमेश सिंह ने घटना स्थल का जायजा भी लिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या माओवादियों के ख़िलाफ़ कोई तलाशी अभियान या कार्रवाई शुरू की गई है, तो उन्होंने इतना भर कहा कि कई मोर्चों पर काम चल रहे हैं।
दोबारा मतदान की सिफारिश
उन्होंने कहा कि घायल जवानों के उचित इलाज़ और मरने वालों के सम्मान का भी ख्याल रखा जा रहा है। दूसरी तरफ राज्य के निर्वाचन अधिकारी पीके जाजौरिया ने बताया कि मतदान केंद्र संख्या 100 की ईवीएम से जुड़ी ज़रूरी दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं जबकि मतदान केंद्र संख्या 101 की ईवीएम क्षतिग्रस्त हो गई है।
जाजौरिया ने कहा कि दुमका के रिटर्निंग अफसर ने जो रिपोर्ट भेजी है, उस पर गौर करने के बाद इन दोनों बूथों पर फिर से मतदान की सिफ़ारिश की जा रही है।
मृतकों को सीएम की श्रद्धांजलि
उधर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत कई आला अधिकारियों ने दुमका पुलिस लाइन में मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
इस बीच दुमका से और तीन घायलों को बेहतर इलाज़ के लिए हेलिकॉप्टर से रांची के अपोलो अस्पताल में लाया गया है।
इससे पहले सुबह में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच जवानों को बेहतर इलाज़ के लिए हेलिकॉप्टर से अपोलो अस्पताल लाया गया था। दोपहर में जिन तीन घायलों को इलाज़ के लिए रांची लाया गया है, उनके नाम हीरालाल मिस्त्री, आलमगीर साईं और निजामुद्दीन अंसारी हैं।