फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jharkhand: ताजिकिस्तान में फंसे मजदूर घर लौटेंगे, 35 में से 22 अभी वापस आएंगे, बाकियों की भी वापसी जल्द

Tue, 28 Feb 2023 04:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, रांची

सार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य प्रवासी सेल के एक ट्वीट को रीट्वीट किया, जिसमें कहा गया कि ताजिकिस्तान में भारतीय दूतावास से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संपर्क किया गया था।
विज्ञापन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो महीने से अधिक समय से ताजिकिस्तान में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य लौटेंगे। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पहले चरण में फंसे 35 मजदूरों में से 22 वापस आएंगे, जबकि बाकी लोग टिकट बुक होने के बाद वापस लौटेंगे। मजदूरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए आरोप लगाया था कि एक कंपनी ने उन्हें बिजली की लाइन बिछाने में लगाया था। उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए। उन्हें खाने को भी पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। पैसे तो बिल्कुल भी नहीं दिए गए।

विज्ञापन


राज्य प्रवासी प्रकोष्ठ के अधिकारी ने बताया कि ताजिकिस्तान में फंसे 35 श्रमिकों में से 22 झारखंड लौट रहे हैं, जबकि शेष टिकट लेकर लौटेंगे। बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य प्रवासी सेल के एक ट्वीट को रीट्वीट किया, जिसमें कहा गया था कि ताजिकिस्तान में भारतीय दूतावास से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संपर्क किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि वे पिछले साल 19 दिसंबर को भारत में काम कर रही फर्म के एजेंटों द्वारा अच्छे वेतन का वादा किए जाने के बाद मध्य एशियाई देश के लिए रवाना हुए थे। मजदूर हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह जिलों के रहने वाले हैं। हजारीबाग की उपायुक्त नैन्सी सहाय ने पहले कहा था कि उन्हें फंसे श्रमिकों के परिजनों से शिकायतें मिली हैं कि उन्हें बंधुआ मजदूरों की तरह जीवन जीने के लिए मजबूर किया गया।
विज्ञापन


सहाय ने कहा था कि शिकायतों के आधार पर मैंने राज्य प्रवासी प्रकोष्ठ को संबंधित अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाने के लिए सूचित किया है। जल्द से जल्द अपने मूल स्थानों पर मजदूरों की रिहाई और सुरक्षित वापसी के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें