जामताड़ा जिला देश के साइबर क्राइम हब के रूप में चर्चित है। यहां एक अनोखा अभियान पुलिस की पाठशाला चलाया जा रहा है, जिसके तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और फिशिंग की गतिविधियों के बारे में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पुलिस और जिला प्रशासन की एक संयुक्त पहल है, जो 118 पंचायतों के पुस्तकालयों में चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक (साइबर) मजरूल होडा ने कहा, साइबर अपराध से प्रभावित दो प्रभावित ब्लॉकों करमाटांड़ और नारायणपुर के 36 पुस्तकालों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को फिशिंग के बारे में जागरूक करना है और उन्हें विकासात्मक गतिविधियों में भागीदार बनाना है।
उन्होंने कहा, यह अभियान युवाओं को एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का भी प्रयास करता है। होडा ने दावा किया, यह पहल एक साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन यह तीन-चार महीने पहले बड़े पैमाने पर चल रही थी। हम साइबर अपराध के मामलों में धीरे-धीरे गिरावट देख रहे हैं। इससे पहले लगभग हर दिन अन्य राज्यों की पुलिस टीमों ने फिशिंग के मामलों को लेकर जिले का दौरा किया था।
उन्होंने कहा कि हर थाने का एक अधिकारी छात्रों को पढ़ाने के लिए पुस्तकालयों में जाता है। होडा ने कहा, कॉलेज के स्नातक छात्रों को प्रतियोग परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिन युवाओं को पहले साइबर अपराध गतिविधियों का लालच दिया जाता था, अब सम्मानजनक नौकरियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम कृषि आधारित रोजगार के लिए और अधिक अवसरों की पहचान कर रहे हैं। कई छात्र पुलिस की पाठशाला का हिस्सा थे, उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।
जिले के नाला ब्लॉक के निवासी महेश मुंडा ने बताया कि लाइब्रेरी के अधिकारियों ने रेलवे की परीक्षा की तैयारी करने और इसे क्रैक करने में मेरी बहुत मदद की। इस ब्लॉक के रहने वाले दीपक सिंह का हाल ही में भारतीय रिजर्व बटालियन में चयन हुआ था। उन्होंने कहा,स पुस्तकालय और पुलिस मार्गदर्शन ने मुझे अपना सपना हासिल करने में मदद की।
राजधानी रांची से करीब 210 किलोमीटर दूर स्थित जामताड़ा में 2021 में साइबर अपराध के 76 मामले दर्ज किए गए थे। 187 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा इस साल अगस्त तक 72 मामले दर्ज किए गए हैं और इस सिलसिले में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।