झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स एक बार फिर सुर्खियों में है। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देश पर निदेशक डॉ. राजकुमार को उनके पद से हटा दिया गया था। 17 अप्रैल 2025 को जारी इस आदेश के खिलाफ डॉ. राजकुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक डॉ. राजकुमार को रिम्स निदेशक पद से नहीं हटाया जा सकता। साथ ही झारखंड सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
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डॉ. राजकुमार ने लगाए आरोप
अपनी याचिका में डॉ. राजकुमार ने सरकार के आदेश को 'नेचुरल जस्टिस' (प्राकृतिक न्याय) और 'रिम्स नियमावली-2002' का उल्लंघन बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी नियुक्ति तीन वर्षों के लिए हुई थी, और बिना उनका पक्ष सुने उन पर झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाकर पदमुक्त करने का निर्णय लिया गया। डॉ. राजकुमार ने कहा, “मेरे ऊपर गलत आरोप लगाकर मुझे हटाने की कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है।