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अवैध खनन: झारखंड हाईकोर्ट ने जांच के लिए कमेटी के गठन का दिया निर्देश, चार हफ्ते में पेश करेगी रिपोर्ट

Wed, 15 Mar 2023 02:43 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

खनिज संपन्न झारखंड में बहुमूल्य अयस्कों के अवैध खनन में नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। इस मामले में कई नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। ईडी कथित अवैध खनन मामले की जांच के सिलसिले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ कर चुकी है।
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झारखंड हाईकोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में अवैध खनन की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की पीठ ने पंकज कुमार यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि समिति में एक पुलिस महानिरीक्षक रैंक का अधिकारी और दो अन्य खनन अधिकारी होने चाहिए। खनन अधिकारियों को भूविज्ञान का ज्ञान होना चाहिए।

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साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि तीन जिलों के उपायुक्त इस समिति की हरसंभव मदद करेंगे। समिति को चार हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

खनिज संपन्न झारखंड में बहुमूल्य अयस्कों के अवैध खनन में नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। इस मामले में कई नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कथित अवैध खनन मामले की जांच के सिलसिले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ कर चुका है।

बता दें, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में अवैध खनन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। जांच के दौरान ईडी ने कथित अवैध खनन से संबंधित 36 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जब्त की है। इस मामले में ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को तलब किया है। उन्हें निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल से संबंधित धनशोधन मामले (मनी लॉन्ड्रिंग केस) के सिलसिले में समन किया गया है।
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दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य से अवैध रूप से खनन किए गए खनिजों के परिवहन में रेलवे अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने इसे रोकने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सहयोग मांगा था। सोरेन ने दावा किया था कि साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया था कि नौ लोडिंग पॉइंट्स से 3,531 से अधिक रेलवे रेक जिले से बिना चालान के पत्थरों का परिवहन करते हैं। पत्र में यह भी कहा गया था कि झारखंड पिछले कई दशकों से अवैध खनन का दंश झेल रहा है।

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