झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री साइमन मरांडी ने अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो गरीबों और आदिवासियों के मुद्दो से भटक गयी है।
मरांडी ने कहा कि उन्होंने पार्टी द्वारा जारी नोटिस का जवाब भेज दिया है जिसमें उन्होंने दस मिनट के भीतर पार्टी से उन्हें मुक्त करने का आग्रह किया है।
उन्होंनें कहा कि इस सरकार को संथालपरगना सहित पूरे राज्य के गरीब आदिवासियों की चिंता नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह सरकार में रहकर गरीब आदिवासियों की समस्याओं के निदान के साथ मांझी, परगना, सरदार, मानकी मुंडा आदि पम्परागत व्यवस्था को मजबूत बनाकर गांवो के विकास का कार्य तेज करने के लिए जोर दे रहे थे लेकिन पार्टी विरोधी कुछ लोग निजी लाभ के लिए नेतृत्व को दिग्भ्रमित कर बालू घाटों की नीलामी आदि कार्यो के लिए सरकार पर दबाव बनाने लगे।
आपसी मतभेद के चलते ही साइमन मरांडी अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते आए हैं जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री साइमन मरांडी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार राज्यपाल डा सैयद अहमद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनुशंसा पर आज राज्य के खाद्य, उपभोक्ता एवं नागरिक आपूर्ति मामलों के मंत्री साइमन मरांडी को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।