झारखंड सरकार ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों को तोहफा दिया। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने का एलान किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में डीए की दर में बढ़ोतरी का फैसला किया गया। कैबिनेट समन्वय सचिव वंदना डडेल ने बैठक के बाद बताया कि वृद्धि के कारण सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 441.52 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते की अतिरिक्त किश्त एक जनवरी 2023 से प्रभावी होगा।
जानकारी के मुताबिक, एक जनवरी 2016 से प्रभावी संशोधित वेतनमान (सातवां केंद्रीय वेतनमान) में एक जनवरी 2023 से महंगाई भत्ते की दरों में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। राज्य के कर्मचारी जिनका वेतनमान या वेतन संरचना (सातवां वेतनमान संशोधन) 18 जनवरी 2017 को एक जनवरी 2016 से संशोधित की गई है, उन्हें एक जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलने लगेगा। यह वृद्धि स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार है, जो 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।
सीएम सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि सरकार प्रभावी तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की कोशिश कर रही है। हम राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आपने देखा होगा कि महंगाई और पेंशन में वृद्धि सहित कई कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने 1 जनवरी, 2023 से प्रभावी राज्य सरकार के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में भी इसी तरह की वृद्धि को मंजूरी दी है। अन्य फैसलों में तकनीकी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य संबद्ध कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों की स्वीकृत शक्ति के विरुद्ध अतिथि संकाय, अस्थायी और वर्ग-आधारित संकायों के मानदेय में वृद्धि शामिल है। पारिश्रमिक को बढ़ाकर 57,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया, जो पहले 30,000 रुपये प्रति माह की सीमा थी।
अन्य निर्णयों में राज्य सरकार की नौकरियों के लिए जाति प्रमाण पत्र के लिए उसी फॉर्म की स्वीकृति शामिल है, जिसका उपयोग केंद्र सरकार की नौकरी (फॉर्म-5) के लिए जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में अनुमंडल न्यायालय की स्थापना और शहरी स्थानीय निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
साथ ही यह निर्णय लिया गया कि झारखंड स्टेट बेवरेजेज कार्पोरेशन लिमिटेड उन जिलों में शराब की बिक्री करेगा, जिनके लिए झारखंड आबकारी (झारखंड स्टेट बेवरेजेज कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खुदरा आबकारी दुकानों का संचालन) नियमावली, 2022 के तहत एजेंसी को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।