प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन जारी किए जाने के बाद राज्य में गहराते राजनीतिक संकट के बीच सरकार ने 11 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की। इस विशेष सत्र में राज्य में अधिवास की स्थिति को तय करने के लिए आधार वर्ष के रूप में 1932 को तय करने वाले विधेयक को पारित किया जाएगा।
स्थायी निवासी के लिए 1932 के भूमि रिकॉर्ड को माना जाएगा आधार
हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इससे पहले 14 सितंबर को प्रदेश में स्थानीय निवासियों के निर्धारण के लिए 1932 के खतियान (भूमि रिकॉर्ड) को आधार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस प्रस्ताव के मुताबिक, जिनके नाम 1932 के खतियान में दर्ज हैं, उनके वंशावली के आधार पर केवल उन्हीं के परिवारों को स्थानीय निवासियों के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
गौरतलब है कि स्थानीयता नीति पर राज्य के आदिवासी संगठनों ने लगातार 1932 खतियान को आधार बनाने की मांग की थी क्योंकि उनके अनुसार राज्य के भूमि रिकॉर्ड का अंग्रेज सरकार ने अंतिम बार 1932 में सर्वेक्षण किया था। उनकी मांग के आधार पर यह निर्णय लिया गया था। झामुमो विधायक सुदिव्या कुमार ने कहा कि विधानसभा विधेयक पारित करेगी और इसी के साथ जनता के सामने यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसने उनका समर्थन किया और किसने उनका विरोध किया।
इससे पहले सोरेन सरकार ने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के मंडरा रहे खतरे के बीच पांच सितंबर को एक विशेष सत्र बुलाया था जिसमें झामुमो सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया था। विपक्षी भाजपा नीत राजग के बहिर्गमन के बीच 81 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 48 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। बता दें कि 81 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30 विधायक, कांग्रेस के 18 विधायक और राजद का एक विधायक है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदन में 26 विधायक हैं।
आज ईडी के सामने होने है पेश
इससे पहले ईडी ने झारखंड में कथित अवैध खनन से जुड़े धनशोधन के एक मामले में हेमंत सोरेन को गुरुवार यानी आज पूछताछ के लिए समन जारी किया है। 47 वर्षीय सोरेन से गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे रांची में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत सोरेन से पूछताछ के साथ ही उनका बयान दर्ज करना चाहती है। हालांकि सोरेन के गुरुवार को ईडी के सामने पेश होने की संभावना कम है क्योंकि उनका रायपुर में एक आदिवासी नृत्य समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम है।
सोरेन ने भाजपा पर साधा निशाना
वहीं, सोरेन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संस्थाओं का 'दुरुपयोग' कर रही है क्योंकि वह राजनीतिक रूप से उनका सामना नहीं कर सकती। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता सोरेन ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे विपक्ष के अनुरोध पर हमें भी बुलाया गया है। ईडी कितनी ताकतवर है यह दिखाने की कोशिश की गई है...लोग उन्हें प्रत्येक साजिश का जवाब देंगे।’’ ईडी ने इससे पहले सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और दो अन्य लोगों- स्थानीय बाहुबली बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश को इस मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया है कि उसने राज्य में अवैध खनन के अपराध से अर्जित धन का पता लगा लिया है, जो अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है।