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झारखंड सरकार ने भाजपा सांसद साक्षी महाराज को होम क्वारंटीन करने के 24 घंटे में ही कर दिया रिहा 

Mon, 31 Aug 2020 04:10 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गिरिडीह
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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : फाइल फोटो
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झारखंड सरकार ने भाजपा सांसद साक्षी महाराज को होम क्वारंटीन करने के 24 घंटे के भीतर ही रविवार को रिहा कर दिया। हालांकि रिहा किए जाने से पहले साक्षी महाराज का कोविड-19 (कोरोना वायरस) टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। होम क्वारंटीन से रिहा किए जाने के बाद साक्षी महाराज देर शम गिरिडीह से धनबाद के लिए रवाना हो गए, जहां से उन्हें दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी।

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अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की उन्नाव सीट से सांसद साक्षी महाराज ने राज्य प्रशासन को अपने आने की जानकारी दिए बिना जिले में एक कार्यक्रम में हिस्सेदारी की थी। इसके चलते उन्हें कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में 14 दिन के होम क्वारंटीन के तहत शांति भवन आश्रम में भेज दिया गया था।

अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार पर साक्षी महाराज को होम क्वारंटीन से रिहा करने के लिए किसी ने बहुत ज्यादा दबाव बना रखा था। इसी कारण उन्हें रिहा किया गया है। गिरिडीह के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा के मुताबिक, उन्हें (साक्षी को) राज्य सरकार के आदेश के तहत क्वारंटीन से रिहा किया गया है। वह जहां चाहे जाने के लिए स्वतंत्र हैं। होम क्वारंटीन से रिहा होने के बाद धनबाद के लिए रवाना होते समय साक्षी महाराज ने कहा, कई नेता पक्षपात कर रहे हैं। कल (शनिवार को) जिला प्रशासन ने मुझे रोका था, इसलिए मैं ठहर गया। अब उन्होंने मुझे जाने की इजाजत दे दी है तो मैं जा रहा हूं।
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क्या है पूरा मामला
बता दें कि शनिवार को जिला प्रशासन ने महाराज के गिरिडीह आने और बिना सूचना दिए ही वापस लौटने की कोशिश करने पर जिले की सीमाओं को सील कर दिया था तथा बैरिकेड लगाकर चेकिंग चालू कार दी थी। एसडीएम प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व वाली टीम ने सांसद के काफिले का पीछा करते हुए उन्हें पीर्तानंद पुलिस थाना क्षेत्र में एक बैरियर पर रोक लिया था। इसके बाद साक्षी महाराज को होम क्वारंटीन में भेज दिया गया था। हालांकि साक्षी महाराज ने दावा किया था कि वह अपनी 97 साल की बीमार मां से मिलने आए थे और दावा किया था कि उन्होंने इसकी जानकारी मुख्य सचिव को दी थी। लेकिन मुख्य सचिव ने सांसद के दावे को खारिज कर दिया था।

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