झारखंड वन विभाग के एक सर्वेक्षण के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघों की मौजूदगी के संकेत मिले हैं, लेकिन एक हफ्ते बाद, राष्ट्रीय स्तर पर सर्वे करने के बाद अभयारण्य में बड़ी बिल्लियों के कोई निशान नहीं मिले।
29 जुलाई को जारी ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन रिपोर्ट-2018 के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों का कोई अस्तित्व नहीं मिला है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन) इंदु शेखर चतुर्वेदी ने कहा, "रिजर्व में सर्वेक्षण के दौरान दो बाघों और एक बाघिन की मौजूदगी के निशान पाए गए थे। उन्होंने कहा कि पैर के चिन्ह और टाइगर स्कैट्स को सबूत मानकर क्षेत्र में बाघों की उपस्थिति बताई गई थी। चतुर्वेदी ने कहा कि बड़ी बिल्लियों की मौजूदगी के संकेत हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में भी मिले।