झारखंड में रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों को लेकर सरगर्मी तेज है। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर 10 जून को चुनाव होने वाले हैं। सत्ता पक्ष यानी झामुमो और कांग्रेस एक सीट जीत सकते हैं, लेकिन इस पर ये दोनों दल दावेदारी ठोंक रहे हैं।
विधानसभा के समीकरणों के अनुसार सत्ता पक्ष एक सीट आसानी से जीत सकता है और यह कांग्रेस चाहती है। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर व अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष पार्टी की दावेदारी पेश कर दी है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले चुनाव में झामुमो नेता शिबू सोरेन को जीता कर भेजा गया था, इसलिए इस बार उसे मौका दिया जाए। बहरहाल, झारखंड मुक्ति मोर्चे के सूत्रों का कहना है कि पार्टी विधायक दल की बैठक जल्द बुलाई जाएगी, इसमें राज्यसभा सीट को लेकर चर्चा होगी। इस बीच, सीएम सोरेन दिल्ली जाकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से इस पर बात कर सकते हैं।
तेज हो रहीं राजनीतिक गतिविधियां
जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में इसे लेकर जोड़तोड तेज होती जा रही है। यदि सत्तारूढ़ दलों में बात नहीं बनी तो तकरार भी बढ़ सकती है। कांग्रेस की मांग साफ है, लेकिन झामुमो अभी फैसला टाल रहा है।
कांग्रेस का दावा नहीं बनता : भट्टाचार्य
उधर, झामुमो के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का कोई स्वाभाविक दावा नहीं बनता। हमारे पास 30 विधायक हैं, इसलिए दावा तो हमारा है। कांग्रेस गठबंधन के आधार पर सीट मांग सकती है, लेकिन उसकी मांग पर परिस्थितियों के अनुसार विचार होगा। कांग्रेस कह रही है कि मौजूदा हालात में कांग्रेस को राज्यसभा सीट की जरूरत है, इस सवाल पर। भट्टाचार्य ने कहा कि हमने तो केंद्र की राजनीति का हमेशा ध्यान रखा है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को ज्यादा सीटें दी हैं। हम गठबंधन धर्म निभा रहे हैं। गठबंधन के आधार पर हम दोनों राज्यसभा सीटों पर जीत का प्रयास करेंगे।
राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का हक : ठाकुर
उधर, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार है। गठबंधन परस्पर सहमति से चलता है। दावे जैसी कोई बात नहीं है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन देश के मौजूदा सियासी समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस का राज्यसभा में मजबूत होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री सोरेन का रुख सकारात्मक है। विधानसभा चुनाव में भी हमने त्याग किया। पिछली बार हमने शिबू सोरेन को राज्यसभा में जीता कर भेजा था, इसलिए इस बार हमारा हक है।