झारखंड के चतरा के जंगलों में सोमवार शाम दुर्घटनाग्रस्त हुई एयर एंबुलेंस की उड़ान भरने से ठीक पहले की तस्वीर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह वही रेडबस एयर एंबुलेंस थी, जिसने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण चतरा जिले के जंगल क्षेत्र में क्रैश हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार लातेहार निवासी संजय साहू गंभीर रूप से झुलस गए थे। रांची में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया था। इसके बाद परिजनों ने एयर एंबुलेंस हायर कर उन्हें दिल्ली ले जाने की व्यवस्था की। बताया जाता है कि संजय साहू के परिवार ने कर्ज और चंदा जुटाकर करीब 7.50 लाख रुपये इकट्ठा किए, तब जाकर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था हो सकी। पैसे जुटाने में पूरा दिन लग गया, जिसके कारण उड़ान शाम में निर्धारित हुई।
सरकारी सब्सिडी को लेकर उठे सवाल
पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची
हादसे के बाद जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दुर्घटना के लगभग 18 घंटे बाद मंगलवार दोपहर दिल्ली से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने ब्लैक बॉक्स सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की तलाश की और मलबे का गहन निरीक्षण किया। जांच में तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति और मानवीय त्रुटि जैसे सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखा जा रहा है।
एयर एम्बुलेंस योजना में घोटाले की जांच हो: नवीन जयसवाल
झारखंड विधानसभा में मुख्य सचेतक सह भाजपा विधायक नवीन जयसवाल ने एयर एम्बुलेंस योजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के लिए राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस सुविधा सब्सिडी के तहत उपलब्ध कराने की योजना शुरू की थी।
नवीन जयसवाल ने कहा कि इस योजना के तहत मरीज को केवल तीन लाख रुपये भुगतान करने का प्रावधान था, जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जानी थी। लेकिन राज्य सरकार ने इस योजना में भी अनियमितता करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एयर एम्बुलेंस योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। जयसवाल ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
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वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम भी रांची पहुंचकर मामले की अलग से समीक्षा कर रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। हादसे ने राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था और सब्सिडी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।