भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, बड़े दुर्भाग्य की बात है कि इस विधेयक ने राज्य को नुकसान पहुंचाया है और ऐसी चीजों को विधेयक में शामिल किया गया, जिससे राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने हेमंत सोरेन सरकार के आबकारी संशोधन विधेयक-2022 को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इस विधेयक को पुनर्विचार के लिए सरकार के पास वापस लौटा दिया है। अब इस फैसले पर राजनीति शुरू हो गई है।
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झारखंड भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राज्यपाल के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे साहसिक कदम बताते हुए कहा कि झारखंड आबकारी संशोधन विधेयक शराब विक्रेताओं के हित में है। इससे राज्य के राजस्व को नुकसान हो रहा है।
सरकार वापस ले विधेयक
भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, भाजपा शुरुआत से ही इस विधेयक का विरोध करती आई है। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से इस विधेयक को वापस लेने को कहा। प्रकाश ने कहा, राज्यपाल का फैसला राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता के हित में है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, यह विधेयक भ्रष्ट लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है।
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नुकसान पहुंचाने वाला बिल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, बड़े दुर्भाग्य की बात है कि इस विधेयक ने राज्य को नुकसान पहुंचाया है और ऐसी चीजों को विधेयक में शामिल किया गया, जिससे राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, यह विधेयक यहां के लोगों और शराब उद्योग, व्यापार और रोजगार से जुड़े लोगों को भी नुकसान पहुंचाने वाला है।