झारखंड के बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के भाजपा विधायक ढुलू महतो ने सोमवार को यहां एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उन्हें एक व्यक्ति को पुलिस हिरासत से जबरन छुड़ाने के 10 साल पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बचाव पक्ष के वकील ललन प्रसाद ने बताया कि महतो वकीलों द्वारा आहूत हड़ताल के कारण अनुमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत में अकेले पेश हुए। विधायक ढुलू महतो ने कहा कि न्यायालय पर पूरा विश्वास है, कोर्ट के आदेश की पालना करते हुए मैंने आत्मसमर्पण किया है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने पिछले महीने उन्हें एक महीने (10 जनवरी) के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। विशेष अदालत के न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने 10 अगस्त को बाघमारा विधायक और अन्य की अपील पर सुनवाई पूरी कर ली थी। धनबाद की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने मामले में विधायक और चार अन्य को 18 महीने की जेल की सजा के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था।
निचली कोर्ट ने 9 अक्तूबर 2019 को महतो और उसके चार सहयोगियों को सरकारी सेवकों में बाधा डालने और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति को जबरन पुलिस हिरासत से छुड़ाने का दोषी ठहराया था। विधायक के वकीलों ने बाद में हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी थी।