उन्होंने बताया कि शुगर और अनेक अन्य बीमारियों से ग्रस्त सांसद दिल्ली में अकेले फंस गए थे और उनका पूरा परिवार यहां धनबाद में था। उन्हें 23 और 24 मार्च को रांची के लिए कोई फ्लाइट टिकट नहीं मिल सका तथा ट्रेनें भी रोक दी गईं। सांसद दिल्ली में अकेलापन महसूस कर रहे थे। ऐसे में शनिवार को वह अपनी गाड़ी से नई दिल्ली से धनबाद के लिए निकल पड़े और 17 घंटे की यात्रा करके रविवार को अपने घर पहुंचे।
झारखंड में धनबाद से भाजपा सांसद पीएन सिंह नई दिल्ली से अपनी गाड़ी से रविवार को यहां अपने घर पहुंचे जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें 14 दिनों के लिए पृथक वास में रहने को कहा है। धनबाद के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी प्रशांत लायक और प्रखंड विकास अधिकारी उदय रज्जाक ने बताया कि धनसार इलाके में सिंह के अपने घर पहुंचने पर अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि चूंकि वह बाहर से यहां पहुंचे हैं लिहाजा वह अपने घर में 14 दिनों तक पृथक वास में रहेंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि सांसद और पिछले दो दिनों में उनके संपर्क में आए सभी लोगों के नमूने लेकर कोविड-19 की जांच के लिए भेजे जाएंगे। सिंह ने मोबाइल पर किसी से बात नहीं की लेकिन उनके एक सहयोगी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि नयी दिल्ली में 23 तारीख को संसद के सत्र में शामिल होने के बाद एकाएक पूरे देश में लॉकडाउन हो जाने पर वह दिल्ली में अपने आवास पर फंस गए थे।
उन्होंने बताया कि शुगर और अनेक अन्य बीमारियों से ग्रस्त सांसद दिल्ली में अकेले फंस गए थे और उनका पूरा परिवार यहां धनबाद में था। उन्हें 23 और 24 मार्च को रांची के लिए कोई फ्लाइट टिकट नहीं मिल सका तथा ट्रेनें भी रोक दी गईं। सांसद दिल्ली में अकेलापन महसूस कर रहे थे। ऐसे में शनिवार को वह अपनी गाड़ी से नई दिल्ली से धनबाद के लिए निकल पड़े और 17 घंटे की यात्रा करके रविवार को अपने घर पहुंचे। सांसद के सहयोगी ने बताया कि उन्होंने रास्ते में अपने चिकित्सकीय प्रमाणपत्र तथा पास दिखाकर सफर तय किया।
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इस बीच कांग्रेस के झारखंड मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि जब एक भाजपा सांसद ही प्रधानमंत्री की लॉकडाउन की अपील को नहीं मानेगा तो इससे बड़ी अनुशासनहीनता क्या हो सकती है? ठाकुर ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने सांसद को यात्रा की अनुमति दी उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि सिंह ने अपनी यात्रा के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की सीमाओं को अवश्य पार किया होगा।