देश में हिंदी को लेकर चर्चाएं जोर पर हैं, लोग अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी को महत्व देने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कोर्ट में अपील की है कि कोर्ट अपने फैसले हिंदी में सुनाए, साथ ही कोर्ट में बहस भी हिंदी में ही हो।
गौरतलब है कि हिंदी दिवस के मौके पर उन्होंने कहा था कि चुकि ज्यादातर लोगों को अंग्रेजी नहीं आती है, इसलिए वे कोर्ट के उनके वकील द्वारा दिए गए तर्क समझ ही नहीं पाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही जब कोर्ट अपना फैसला सुनाता है, उस वक्त आम नागरिक पूरी तरह से समझ नहीं पातें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऐसे छोटे-छोटे कदम उठाने चाहिए जिससे हमारी मातृ भाषा सुरक्षीत रहे।
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इस तरह के कदम उठाकर हम हिंदी को प्रमोट कर सकते हैं। जिससे हमारी संस्कृति अगली पीढ़ी तक पहुंच सकेगी। साथ ही रघुवर दास ने सरकारी अधिकारियों से फाइल में ध्यान देने योग्य बात को भी हिंदी में लिखने की बात कही है।