हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, चुनाव में चार बार हार का सामना करने के बाद केंद्र सरकार, जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है। यह उनकी हताशा है।
अवैध खनन घोटाले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कसता जा रहा है। उन्हें पूछताछ के लिए गुरुवार (कल) ईडी अधिकारियों के सामने पेश होना है। हालांकि, सोरेन भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं, पूछताछ से पहले यूपीए के विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार के आवास पर बैठक की। इसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।
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बता दें, हेमंत सोरन ने ईडी अधिकारियों से 17 नवंबर के बजाय 16 नवंबर को पूछताछ करने की मांग की थी। हालांकि, ईडी ने इस मांग को खारिज कर दिया था। इससे पहले तीन नवंबर को जांच एजेंसी द्वारा उन्हें तलब किया गया था, जिसमें सोरेन नहीं पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने समन भेजने के बजाय ईडी को गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी।
सोरेन ने की थी तीन सप्ताह के लिए समन टालने की मांग
इससे पहले हेमंत सोरेन ने ईडी से तीन सप्ताह के लिए पूछताछ टालने की मांग की थी। हालांकि, ईडी ने उनकी मांग को ठुकरा दिया। उन पर साहेबगंज जिले में एक अवैध खनन मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच लंबित है।
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सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना
इससे पहले सोरेन केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, चुनाव में चार बार हार का सामना करने के बाद केंद्र सरकार, जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है। यह उनकी हताशा है। झारखंड का हर एक मतदाता विपक्ष को जवाब देगा।