तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव अर्जुन मुंडा ने आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की किसी भी सीट से प्रत्याशी बनने की संभावना से इन्कार किया।
पिछले आम चुनाव में जमशेदपुर लोकसभा सीट से बड़ अंतर से जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री बनने के चलते संसद की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले मुंडा ने आज यहां अपने इस गृहनगर में पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह जमशेदपुर अथवा राज्य की 13 अन्य सीटों में से किसी पर भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़गे।
मुंडा ने बताया कि उन्होंने अपने इस फैसले से पार्टी को भी अवगत करा दिया है। इस तरह की अटकलें लगायी जा रही थी कि नरेन्द, मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की मुहिम के तहत भाजपा लोकसभा की अधिक से अधिक सीटे हासिल करने के लिए मुंडा और कई अन्य दिग्गज नेताओं को इस वर्ष होने वाले चुनाव में प्रत्याशी बना सकती है।
इस तरह की अटकलों के बीच ऐसा माना जा रहा था कि उनके इस्तीफे के बाद यहां हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी तथा तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेशानंद गोस्वामी को बुरी तरह पराजित करने वाले झारखंड विकास मोर्चा प्रत्याशी और यहां के पूर्व पुलिस अधीक्षक डा. अजय कुमार की लोकप्रियता को देखते हुए मुंडा जमशेदपुर की बजाय सिंहभूम अथवा किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाश रहे थे।