हाईकोर्ट ने इससे पहले राज्य परिवहन कर्मचारियों को उनकी पेंशन देने का निर्देश दिया था। तब परिवहन सचिव कमल किशोर ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि उनका भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक उनका भुगतान नहीं किया था।
झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सेवानिवृत्त परिवहन कर्मचारियों की पेंशन के भुगतान को लेकर सुनवाई हुई। याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य के परिवहन सचिव कमल किशोर सोन संतोषजनक जवाब न दे पाए तो कोर्ट ने उनके ही वेतन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक कर्मचारियों के पेंशन का भुगतान नहीं किया जाता है, तब तक उनके वेतन पर रोक रहेगी।
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हाईकोर्ट ने इससे पहले राज्य परिवहन कर्मचारियों को उनकी पेंशन देने का निर्देश दिया था। तब परिवहन सचिव कमल किशोर ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि उनका भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक उनका भुगतान नहीं किया। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और उनका वेतन रोकने का निर्देश दे दिया।
कोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्ति बकाया का भुगतान राज्य सरकार दान या इनाम नहीं है। परिवहन विभाग के कुल 17 सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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परिवहन विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन कुमार ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं के भुगतान का पैसा तैयार है लेकिन उनके उचित पते के अभाव में भुगतान नहीं किया जा सका। कोर्ट ने पहले भी विभाग को यह कहते हुए सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान जारी करने का निर्देश दिया था कि यह याचिकाकर्ताओं का हक है। हालांकि, विभाग ने तीन साल बीत जाने के बाद भी कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।
इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपने बकाया के लिए फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक योजना तैयार करने का आदेश दिया। मामले में सुनवाई 30 सितंबर को तय की गई थी।