देशभर में सोमवार से जीएसटी 2.0 के तहत नई दरें लागू हो गई हैं। राजधानी रांची के बाजारों में सुबह से ही इस विषय पर चर्चा हो रही है। कारोबारी, उपभोक्ता संगठन और आम लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे राहत देने वाला कदम बता रहे हैं, तो कुछ ने चिंता जताई है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है। अशोकनगर स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम के संचालक अंकित मिश्रा ने कहा कि नई दरों से 350 सीसी से कम बाइक की कीमत थोड़ी कम होगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी और बिक्री बढ़ सकती है। वहीं, 350 सीसी से ऊपर की लग्जरी बाइक पर 40 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से बिक्री पर असर पड़ सकता है।
'जीएसटी दरों में कमी से बिक्री बढ़ सकती है'
डेयरी आइटम के दुकानदार जीवन सरकार ने बताया कि पहले से खरीदे गए माल पर पुरानी दर लागू रहेगी, नया माल आने पर नई दर लागू होगी। दूध डायरेक्ट किसान से लिया जाता है, उसकी कीमत घटना मुश्किल है, लेकिन पनीर और दही जैसी चीजों की कीमत में कमी आ सकती है। आइसक्रीम और पैक्ड प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने से ग्राहकों की शिकायतें भी मिल रही हैं।
घर की जरूरतों पर असर पड़ेगा- रेखा
फॉर्च्यून दुकानदार राधेश्याम अग्रवाल ने बताया कि तेल, साबुन और चावल पर पहले से ही पांच प्रतिशत जीएसटी था, इसमें ज्यादा बदलाव नहीं होगा। गृहणी रेखा देवी ने कहा कि घर का बजट पहले ही टाइट है, अगर दूध या मक्खन महंगे होंगे तो बच्चों और घर की जरूरतों पर असर पड़ेगा।
मरीजों के लिए राहत की बात- दवा दुकानदार
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जीएसटी दरों का असर मिश्रित है-आदित्य
फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन झारखंड के अध्यक्ष आदित्य अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी दरों का असर मिश्रित है। कुछ क्षेत्रों को राहत मिली है, लेकिन छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ सकता है। सरकार को छोटे कारोबारियों के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए। रांची कॉलेज के छात्र आकाश चौधरी ने कहा कि मोबाइल और लैपटॉप जैसी चीजों पर टैक्स घटने से युवाओं के लिए पढ़ाई और ऑनलाइन काम आसान होंगे।
नई जीएसटी दरों को लेकर बाजार में उत्साह और असमंजस दोनों दिख रहे हैं। कारोबारियों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, वहीं आम लोग और गृहणियां घरेलू बजट पर असर की चिंता कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका वास्तविक असर सामने आएगा।