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गिरिडीह: युवक की पीट-पीटकर हत्या, सोने की तस्करी का पर्दाफाश करने की दी थी चेतावनी

Fri, 06 Nov 2026 09:53 AM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र में मो. हैदर अली की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उमरा यात्रा के नाम पर कथित अवैध गतिविधियों और सोने की तस्करी का पर्दाफाश करने की चेतावनी देने पर उसकी हत्या की गई। पुलिस ने आठ नामजद और छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के धनवार थाना क्षेत्र में उमरा यात्रा के नाम पर कथित रूप से संचालित अवैध गतिविधियों और सोने की तस्करी का पर्दाफाश करने की चेतावनी देने पर दबंगों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान हीरोडीह थाना क्षेत्र के चरघरा निवासी मो. हैदर अली के रूप में हुई है। पीड़ित परिवार ने इस सनसनीखेज वारदात का आरोप मदीना ट्रैवल्स के संचालक मौलाना इलियास अंसारी, उनके भाई तथा सहयोगियों पर लगाया है। घटना के बाद स्वजनों और ग्रामीणों ने भारी नाराजगी जताते हुए सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार के आवेदन पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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उमरा यात्रा से जुड़ा विवाद और शक
धनवार थाना प्रभारी को दी मृतक के भाई मो. परवेज अंसारी की शिकायत के अनुसार, परवेज और हैदर अली के माता-पिता बीते 7 अक्तूबर  को मदीना ट्रैवल्स के संचालक मौलाना इलियास अंसारी के माध्यम से उमरा यात्रा पर गए थे। 24 अक्तूबर को उन्हें लौटना था। तय तारीख बीत जाने के बाद भी जब माता-पिता नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। आरोप है कि मौलाना इलियास अंसारी ने माता-पिता को वापस बुलाने के नाम पर 30,000 रुपये अतिरिक्त वसूले, लेकिन उसने उन्हें वापस नहीं बुलाया। माता-पिता को सुरक्षित वापस लाने के लिए हैदर अली लगातार मदरसे और ट्रैवल्स संचालक के दफ्तर का चक्कर लगा रहे थे। इसी आवाजाही के दौरान हैदर अली को ट्रैवल्स एजेंसी की आड़ में चल रही संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग गई। उन्हें पता चला कि धार्मिक यात्रा की आड़ में खाड़ी देशों से जुड़ा अवैध व्यापार और सोने की तस्करी का नेटवर्क चल रहा है।

शिकायत की चेतावनी और हमला
आवेदन में मृतक के चचेरे भाई इसराफिल अंसारी को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है। 5 नवंबर की सुबह लगभग 7:00 बजे हैदर अली और मौलाना इलियास अंसारी के बीच तीखा विवाद हुआ। बातचीत के दौरान हैदर अली ने मौलाना इलियास को स्पष्ट रूप से कहा कि वह धर्म की आड़ में चलाए जा रहे इस अवैध कारोबार का सच छिपाने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रकरण का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी। इस पर मौलाना इलियास अंसारी और उसका भाई सनाउल्लाह अंसारी आक्रोशित हो गए। दोनों ने हैदर अली और उनके चचेरे भाई इसराफिल के साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए हैदर अली वहां से भागे, लेकिन आरोपियों ने पीछा कर खोरीमहुआ मस्जिद के पास उन्हें घेर लिया।
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बेरहमी से पिटाई और मौत
आरोप है कि खोरीमहुआ मस्जिद के पास घेराबंदी करने के बाद मौलाना इलियास अंसारी ने अन्य सहयोगियों को हैदर अली की हत्या करने के लिए उकसाया। मौलाना के उकसाने पर हमलावरों ने हैदर अली को जमीन पर पटक दिया और लात-घूसों से बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने हैदर अली का गला भी दबा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। आक्रोशित लोगों ने विरोध दर्ज कराते हुए सड़क जाम कर दी।

आठ नामजद और अज्ञात पर केस
मृतक के भाई मो. परवेज की शिकायत पर पुलिस ने आठ नामजद और छह-सात अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में मौलाना इलियास अंसारी, सनाउल्लाह अंसारी, आबिद अंसारी, बाबा इस्लाम, अफजल अंसारी, असद अंसारी, मो. अदनान अंसारी और गरजा शरण पंचायत के मुखिया के पति नसीम अंसारी शामिल हैं। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।
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